Narendra Modi के अजमेर और पुष्कर दौरे को लेकर राजस्थान में राजनीतिक माहौल गर्म नजर आया। इसी क्रम में स्वामी आनंद स्वरूप जी ने एक बयान जारी कर युवाओं और छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की धरती है और यहां की जनता अपने अधिकारों के प्रति सजग रही है। जब देश के प्रधानमंत्री Ajmer आ रहे हैं और पवित्र नगरी Pushkar की धरती पर कदम रख रहे हैं, तब छात्रों और युवाओं से जुड़े सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
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स्वामी आनंद स्वरूप जी ने कहा कि युवाओं को अपनी बात शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रखने का पूरा हक है। उन्होंने ‘UGC Rollback’ की मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़े निर्णयों पर छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके अनुसार, कई विद्यार्थी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और उन्हें यह आशंका है कि नीतिगत बदलावों का असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। “हमारा अपराध क्या है? हमारे बच्चों का अपराध क्या है?” जैसे सवालों के जरिए उन्होंने युवाओं की भावनाओं को सामने रखा। स्वामी जी ने लोगों से अपील की कि यदि वे विरोध दर्ज कराना चाहते हैं तो वह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से करें।
बयान में काले झंडों के साथ विरोध दर्ज कराने और अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से रखने की बात कही गई। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था से बचते हुए अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जानी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान इस तरह की प्रतिक्रियाएं प्रदेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाती हैं। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और शांति बनाए रखने की अपील की है।



