हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र स्थित दीप गंगा अपार्टमेंट को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें परियोजना के बिल्डर और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि अपार्टमेंट का निर्माण करने वाली दिल्ली की एक निजी बिल्डर कंपनी ने फ्लैट खरीदारों को आकर्षित करने के लिए विज्ञापनों में कई आधुनिक सुविधाओं का वादा किया था। इनमें स्विमिंग पूल, जिम, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विश्राम स्थल, बच्चों के खेलने का पार्क, वॉकिंग ट्रैक और अन्य सामुदायिक सुविधाएं शामिल थीं।
वीडियो में आरोप लगाया गया है कि परियोजना पूरी होने के बाद इन सुविधाओं को उपलब्ध नहीं कराया गया। इतना ही नहीं, जिस भूमि को पार्क और सामुदायिक उपयोग के लिए आरक्षित बताया गया था, उस पर अब अतिरिक्त भवन निर्माण कर फ्लैट बेचने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि इस निर्माण से बिल्डर को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा।
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वीडियो में जिला प्रशासन, संबंधित विकास प्राधिकरण और अन्य सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। वक्ता का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अधिकारी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और आम नागरिकों की सुनवाई नहीं हो रही है। यह भी कहा गया है कि कई बुजुर्ग निवासी लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
इसके अलावा वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिकायत करने वाले कुछ लोगों को कथित तौर पर धमकियां दी जा रही हैं और उनके खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज कराने की कोशिश की गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो के अंत में वक्ता ने उत्तराखंड सरकार, हरिद्वार जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विकास प्राधिकरणों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कथित अवैध निर्माण नहीं रोका गया और वादा की गई सुविधाएं बहाल नहीं की गईं, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।



